करौली सरकार(पूर्वज मुक्तिधाम)

*करौली सरकार का पता *
मानव मंदिर , लव कुश आश्रम
ग्राम – करौली , कानपुर (उ. प्र.) – 208021
( रामा देवी चौराहा से , सनिगवाँ रोड पर , कोरियाँ पुलिस चौकी के पास )

नीचे लिखे सूत्रीय कार्यक्रम को ठीक से पढ़ कर व समझकर ही आश्रम आएं तो बेहतर रहता है ।

1- करौली सरकार का दरबार एक हिंदू सनातन दरबार है जहां भगवान भोलेनाथ एवं माता कामाख्या की दिव्य शक्तियां ही, हमारे परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्री राधारमण जी मिश्र एवं हमारी गुरु माता मां कामरु कामाख्या के निर्देशन पर भक्तों का कल्याण करती है और आप की खतरनाक से खतरनाक बाधाओं से आपको मुक्ति दिलाकर सदा सदा के लिए बाधाओं से मुक्त करती हैं । यहां पर स्थापित वैदिक परंपराओं का पालन करने से आप बाधाओं से स्वत: ही मुक्ति पा जाते हैं तथा आपके सभी अच्छे पूर्वजों को मुक्ति मिलकर उनका पुनर्जन्म होना शुरू हो जाता है ।

2- यहां पर किसी भी प्रकार का तंत्र- मंत्र, जादू- टोना आदि नहीं किया जाता है । दरबार के वैदिक नियम अपनाने मात्र से ही भगवान भोले नाथ एवं मां कामाख्या की दिव्य शक्तियां अपनी ईश्वरीय शक्तियों के माध्यम से आप और आपके पूरे परिवार को एकसाथ स्वस्थ एवं संपन्न करते हैं ।

3- किसी भी दिन प्रातः 10 बजे से शुरू होने वाली वर्कशाप में, हवन , पूजन , आरती में शामिल होकर, पू.बाबाजी व पू.माताजी की अर्जी व बंधन लगाकर, संकल्प लेने से आपकी अर्ज़ी दरबार में स्वीकार हो जाती हैं ।

नोट – दरबार के सिद्ध हवन शुरू करने के लिए परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा प्रतिदिन होने वाली उपरोक्त Workshop में संकल्प लेना आवश्यक है। सभी साथ हवन दरबार में रुक कर या अपने घर पर आपको स्वयं ही करने होते हैं। इसमें किसी भी पुजारी या पण्डित जी की आवश्यकता बिल्कुल भी नहीं है।
सभी सिद्ध हवन किट आपको दरबार में स्थित काउंटर से ही लेनी होती है।

4- यदि आप मुस्लिम भाई है तो माफ़ करिएगा , आप लोगों का इलाज यहाँ नहीं होता है , आप यहाँ ठीक नहीं हो पाएँगे , आकर समय नष्ट मत करें ! कृपया आने का कष्ट न करें । क्योंकि आप हिंदू रीति-रिवाजों को अपना नहीं सकेंगे इसलिए आपका इस दरबार से ठीक होना संभव नहीं ।

5- समस्या आपके भूत प्रेत नहीं बल्कि आपके पूर्वज ही हैं… करौली सरकार के इस दरबार में भूत प्रेतों के खात्मे के साथ-साथ आपके पूर्वजों को मुक्ति भी मिल जाती है जिससे आप और आपका परिवार, पूरी तरह ठीक हो जाते हैं, और फिर दोबारा कभी भी आप बाधाओं से ग्रस्त नहीं होते हैं ।

6- यहां पर ठीक होने के लिए दो विधियां हैं एक सिद्ध हवन और दूसरा नमन । कुल 7 हवन करने होते हैं , सभी 7 सिद्ध हवन आपको स्वयं ही करना होता है, तीसरी कोई विधि नहीं है । दरबार के सिद्ध हवन करने से पांच हवन करने के पश्चात प्रेत बाधा पूरी तरह समाप्त हो जाती है, इसके पश्चात दरबार आकर संकल्प लेना होता है पुनः छठा हवन करते हैं तो आपके दुष्ट पूर्वजों से आपको छुटकारा मिलता है, सातवा सिद्ध हवन करके अमावस्या के पूर्वज मुक्ति कार्यक्रम में आते हैं तो आपके सभी पूर्वजों को मुक्ति मिल जाती है, इसकी अगली अमावस्या में आने पर आपके DNA में प्रेतों द्वारा छोड़े गए असर को लगभग 50 % तक समाप्त किया जाता है इसकी अगली अमावस्या के पूर्व यंत्र स्थापना करके अमावस्या के कार्यक्रम में भाग लेने पर बचा हुआ असर भी समाप्त होकर आप और आपका पूरा खानदान, पूरी तरह से बाधाओं से मुक्त हो जाते हैं ।

नोट : भगवान भोले नाथ व मां कामाख्या के आशीर्वाद से , पू. बाबाजी एवं पू. माताजी द्वारा नई शक्तियां प्रदान किए जाने के उपरांत अब आप लोग 5 वां हवन करके, दरबार आकर या ऑनलाइन संकल्प लेने के पश्चात छठवां एवं सातवां हवन 3 – 3 दिन के अंतराल पर करके अमावस्या के पूर्वज मुक्ति कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं । अब छठवां हवन करके आश्रम आकर संकल्प लेने की अनिवार्यता भी समाप्त कर दी गई है ।

7- यदि किसी भी प्रकार की समस्या हो तो कम से कम 5 सिद्ध हवन करने के पश्चात टोकन लेकर गुरु जी से किसी भी दिन ( सोमवार छोड़कर ) प्रातः 10 बजे से शाम 7 बजे तक मिला जा सकता है ।

नोट : 1 दिन में अधिक से अधिक 100 परिवारों से ही गुरु जी का मिलना होता है , इसलिए प्रतिदिन केवल 100 टोकन ही वितरित किए जाते हैं ।आपको अपना टोकन प्रातः 9 बजे से काउंटर से प्राप्त करना होता है ।

8- यदि आप आश्रम आकर अपनी अर्ज़ी लगा चुके हैं और अपने घर पर सिद्ध दिव्य हवन की किट ले जाकर उसके द्वारा हवन कर चुके हैं तो आप अमावस्या के पूर्वज मुक्ति कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं अन्यथा नहीं ।

9- यदि आप हवन करने में सक्षम नहीं है तो दरबार की दूसरी विधि (नमन) के द्वारा नियमित रूप से प्रत्येक शनिवार को दरबार में अर्जी एवं हाजिरी लगाकर अपनी श्रद्धा एवं विश्वास के बल पर, बाधाओं से मुक्ति पा जाते हैं ।

10- यहां पर सिर्फ एक ही परिवार के DNA के लोगों की चिकित्सा एकसाथ होती है । अर्थात आपके अन्य दादा , चाचा व ताऊ तथा सभी भाइयों के परिवार आपके द्वारा किए जाने वाले 7 सिद्ध हवन में ही एक साथ स्वस्थ हो जाते हैं, इनमें से किसी को भी अलग अलग हवन करने की आवश्यकता नहीं रहती है , लेकिन  आपकी ननिहाल पक्ष ,आपकी ससुराल पक्ष और आपकी शादीशुदा बेटी की ससुराल पक्ष तथा आपकी बुआ पक्ष के पूर्वजों की मुक्ति हेतु उन्हें अलग से हवन या नमन करना होता है।

11- यहाँ चिकित्सा प्रतिदिन होती है , किंतु शनिवार को मुख्य चिकित्सा होती है , आश्रम में रूम या डोर्मेटरी का किराया चुकाकर रुका जा सकता है । इसके अतिरिक्त आश्रम के वातानुकूलित HALL में सामूहिक रूप से रुकने पर कोई भी शुल्क नहीं लगता है ।